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125 दिनों का रोजगार देने जुलाई से प्रारंभ होगा विकसित भारत जी राम जी योजना, 2 जुलाई को देश व्यापी आयोजन से होगा नया कानून का आगाज…

रायपुर: ग्रामीणों को 125 दिनों का मांग आधारित रोजगार, समय पर मजदूरी भुगतान,ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास और आजीविका संवर्धन सहित अनेको जन कल्याणकारी प्रावधानों के साथ बने नए कानून विकसीत भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (विकसित भारत जी राम जी योजना ) का राष्ट्रीय स्तरीय शुभारंभ केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान द्वारा 2 जुलाई 2026 को तिरुपति, आंध्रप्रदेश से वर्चुअल शुभारंभ किया जाएगा। इसी क्रम में कबीरधाम जिले में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन ग्राम पंचायत गंडईखुर्द विकासखंड बोड़ला में उपमुख्यमंत्री एवं मंत्री पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्री विजय शर्मा की उपस्थित में आयोजित होगा।

कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने बताया कि मनरेगा योजना के स्थान पर विकसित भारत जी राम जी-2025 प्रतिस्थापित हो रहा है। नए प्रावधान मुख्य रूप से विकसित भारत 2047 के लिए महत्वपूर्ण है जो विकसित ग्राम से विकसित राष्ट्र की कल्पना को साकार करेगा।125 दिनों के रोजगार से ग्रामीणों को आर्थिक लाभ होगा और अधोसंरचना विकास से आजीविका के नए स्रोत खुलेंगे। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि ग्रामीणों, श्रमिकों, महिलाओं,अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति परिवारों और कमजोर समूह के लिए योजना में नए उपबंध किये गए है। जिसमे समय पर मजदूरी भुगतान, योजना से होने वाले कार्य में पारदर्शिता सहित ग्रामीणों के समग्र विकास पर जोर होगा।

विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (जी राम जी) की प्रमुख विशेषताएं

1) प्रत्येक वित्तीय वर्ष में पंजीकृत परिवारों को 100 के बदले 125 दिवस का गारंटीशुदा रोजगार।
2) 7 दिनों में मजदूरी भुगतान की सुविधा ।
3) कार्यों में तेजी लाने प्रशासनिक व्यय की सीमा को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया है।
4) विकसित भारत 2047 हेतु राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के ढांचे को जल संरक्षण, अधोसंरचना विकास, आजीविका संवर्धन और कौशल विकास जैसे कार्य जोड़े जाएंगे।
5) पारदर्शिता को बढ़ावा देने जीआईएस, ई केवाईसी बायोमेट्रिक प्रणाली का उपयोग होगा।
6) दो माह के लिए कृषि अवकाश (60 दिवस) होगा जो राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किया जायेगा।
7) कार्य की मांग एवं उपलब्धता के आधार पर 15 दिवस में ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।